नई दिल्ली (राघव): अपने चीन दौरे के वक्त बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने चिनफिंग के सामने शेघी बघारने के लिए भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर टिप्पणी की थी। यूनुस ने इस दौरान बांग्लादेश को बंगाल की खाड़ी का गार्जियन बताया था। अब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने युनुस के दावों की हवा तो निकाल ही दी, साथ ही उन्हें भूगोल का पाठ भी पढ़ा दिया। जयशंकर ने कहा कि ‘बंगाल की खाड़ी में हमारी सबसे लंबी तटरेखा है, जो लगभग 6,500 किलोमीटर है। भारत न केवल पांच बिम्सटेक सदस्यों के साथ सीमा साझा करता है, बल्कि उनमें से अधिकांश को जोड़ता है।’
बता दें कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को 20वीं बिम्सटेक मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए यूनुस को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ‘हमारा पूर्वोत्तर क्षेत्र विशेष रूप से बिम्सटेक के लिए एक कनेक्टिविटी हब के रूप में उभर रहा है, जिसमें सड़कों, रेलवे, जलमार्गों, ग्रिड और पाइपलाइनों का असंख्य नेटवर्क है।’ जयशंकर ने कहा, ‘भारत न केवल पांच बिम्सटेक सदस्यों के साथ सीमा साझा करता है, बल्कि उनमें से अधिकांश को जोड़ता है, बल्कि भारतीय उपमहाद्वीप और आसियान के बीच बहुत अधिक इंटरफेस भी प्रदान करता है।’
जयशंकर ने कहा कि ‘हम जानते हैं कि इस बड़े भूगोल में वस्तुओं, सेवाओं और लोगों के सुचारू प्रवाह के लिए हमारा सहयोग और सुविधा एक आवश्यक शर्त है। इस भू-रणनीतिक कारक को ध्यान में रखते हुए, हमने पिछले दशक में बिम्सटेक को मजबूत करने के लिए अपनी ऊर्जा और ध्यान को बढ़ाया है। हम यह भी मानते हैं कि सहयोग एक एकीकृत दृष्टिकोण है, न कि चुनिंदा विषयों पर आधारित।’